राधा है भक्ति, कृष्ण है ज्ञान: अजय महाराज के प्रवचन ने बांधा समां

दुर्ग के ग्राम आहेरी में श्रीमद् भागवत कथा के दौरान पं. अजय महाराज ने भक्ति और ज्ञान का महत्व बताया, बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु।
दुर्ग/आहेरी। ग्राम आहेरी में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा महापुराण के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। प्रसिद्ध कथावाचक Pandit Ajay Maharaj ने कथा के दौरान भक्ति और ज्ञान के गहरे संबंध को सरल शब्दों में समझाते हुए कहा कि जीवन में आध्यात्मिक उन्नति के लिए दोनों का संतुलन बेहद जरूरी है।
भक्ति और ज्ञान का गहरा संबंध
महाराज ने प्रवचन के दौरान कहा कि “भक्ति राधा है और ज्ञान श्रीकृष्ण हैं।” जिस प्रकार राधा और कृष्ण एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं, उसी तरह भक्ति और ज्ञान भी एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने बताया कि भक्ति मन को कोमल बनाती है, जबकि ज्ञान जीवन को सही दिशा देता है।
ज्ञान के बिना अधूरे हैं सत्कर्म
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बिना ज्ञान के कोई भी सत्कर्म पूर्ण नहीं हो सकता। यदि व्यक्ति को सही और गलत का ज्ञान नहीं होगा, तो उसके द्वारा किए गए अच्छे कार्य भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाएंगे। इसलिए विवेकपूर्ण और ज्ञानयुक्त कर्म ही जीवन को सार्थक बनाते हैं।
सीखने की कोई उम्र नहीं
महाराज ने यह भी कहा कि ज्ञान अर्जित करने के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती। व्यक्ति को जीवनभर सीखते रहना चाहिए और जहां से भी अच्छी बातें और संस्कार मिलें, उन्हें अपनाना चाहिए।
कथा में उमड़ा जनसैलाब
श्रीमद् भागवत कथा के इस पावन आयोजन में ग्राम आहेरी सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो गया है। आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का लाभ लेने की अपील की है।

Thaneshwar Sahu
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