‘धर्म के मार्ग पर चलने वाली ही सच्ची धर्मपत्नी’- कथा में पंडित अजय महाराज का संदेश

दुर्ग में भागवत कथा के दौरान पंडित अजय महाराज ने नारी के धर्म और कर्तव्यों पर प्रकाश डाला, धर्मपत्नी की भूमिका समझाई।
दुर्ग। दुर्ग जिले में आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के दौरान व्यासपीठ से पंडित अजय महाराज (केसरा पाटन वाले) ने नारी के धर्म और आदर्श जीवन शैली पर महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में पत्नी का स्थान अत्यंत गौरवशाली और जिम्मेदारी से भरा होता है।
धर्म के मार्ग पर चलाना ही धर्मपत्नी का कर्तव्य
पंडित अजय महाराज ने कहा कि सच्ची धर्मपत्नी वही होती है, जो अपने पति को धर्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करे और उसे गलत रास्ते पर जाने से रोके। उन्होंने पति-पत्नी के रिश्ते को केवल सांसारिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक संबंध बताया।
‘पति सेवा’ को बताया सर्वोच्च व्रत
अपने प्रवचन में उन्होंने कहा कि नारी के लिए सबसे बड़ा धर्म और व्रत ‘पति सेवा’ है। निस्वार्थ भाव से पति की सेवा करने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है और जीवन में आध्यात्मिक उन्नति होती है।
भक्तिमय माहौल में जुटे श्रद्धालु
कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पंडित जी के विचारों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा।

Thaneshwar Sahu
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