80 साल बाद बदला PMO का पता: पीएम मोदी ने किया ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन, जारी हुआ 100 रुपये का खास सिक्का

साउथ ब्लॉक को मिली विदाई, अब हाईटेक और पेपरलेस ‘सेवा तीर्थ’ से चलेगा देश का प्रशासन; सेंट्रल विस्टा परियोजना का बड़ा चरण पूरा।
नई दिल्ली। भारत की प्रशासनिक व्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव दर्ज करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली के दारा शिकोह रोड स्थित नए प्रधानमंत्री कार्यालय परिसर ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन’ का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने 100 रुपये का स्मारक सिक्का भी जारी किया, जो इस नई शुरुआत का प्रतीक माना जा रहा है।
अब प्रधानमंत्री कार्यालय सहित कई अहम मंत्रालय इसी आधुनिक और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस परिसर से संचालित होंगे। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक कार्यों की गति और समन्वय दोनों में बड़ा सुधार होगा।
साउथ ब्लॉक में हुई आखिरी कैबिनेट बैठक
उद्घाटन से पहले साउथ ब्लॉक स्थित पुराने प्रधानमंत्री कार्यालय में अंतिम कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। करीब 80 वर्षों तक देश की नीतियों और फैसलों का केंद्र रहे इस भवन ने स्वतंत्र भारत के राजनीतिक इतिहास को करीब से देखा है।
1947 में पंडित जवाहरलाल नेहरू की पहली बैठक से लेकर प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली अंतिम बैठक तक, यह भवन भारतीय लोकतंत्र का अहम साक्षी रहा। अब इस ऐतिहासिक इमारत को ‘युगे युगीन भारत’ संग्रहालय के रूप में विकसित किया जाएगा।
₹1,189 करोड़ की लागत से बना आधुनिक परिसर
सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत तैयार किए गए इस नए परिसर पर लगभग 1,189 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। करीब 2.26 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैले इस कॉम्प्लेक्स को तीन प्रमुख हिस्सों में बांटा गया है:
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सेवा तीर्थ-1: प्रधानमंत्री का मुख्य कार्यालय
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सेवा तीर्थ-2: कैबिनेट सचिवालय और कैबिनेट बैठक स्थल
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सेवा तीर्थ-3: राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और NSA कार्यालय
इन संस्थानों के एक ही परिसर में आने से निर्णय प्रक्रिया तेज और अधिक समन्वित होने की उम्मीद है।
पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस PMO
नया ‘सेवा तीर्थ’ भविष्य की प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
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अत्याधुनिक डिजिटल आर्काइव और पेपरलेस वर्क सिस्टम
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स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल और हाई-टेक सुरक्षा निगरानी
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इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम
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विशेष अंडरग्राउंड कनेक्टिविटी और ट्रैफिक मैनेजमेंट
सरकार का दावा है कि इससे सुरक्षा और कार्यकुशलता दोनों बेहतर होंगी।
आम जनता को मिलेगा ट्रैफिक से राहत
इस नए परिसर को विजय चौक के पास विकसित करने का एक उद्देश्य यह भी है कि प्रधानमंत्री के काफिले के दौरान होने वाली ट्रैफिक समस्या कम हो। ‘कर्तव्य भवन’ में कई मंत्रालयों को एक साथ लाने से आम नागरिकों के लिए सरकारी कामकाज आसान और अधिक पारदर्शी बनने की उम्मीद है।

Thaneshwar Sahu
Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.
